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रेल बजट: यात्री व माल भाड़ा नहीं बदला
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03 जुलाई 2009
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
नई दिल्ली। रेल मंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को लोकसभा में पेश रेल बजट 2009-10 में यात्री और माल भाड़े में बढ़ोतरी किए बिना युवाओं, महिलाओं और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सुविधाओं की घोषणा करते हुए कहा कि उनका ध्यान यात्रा के दौरान लोगों को अच्छा भोजन यानी ‘जनता भोजन’ उपलब्ध कराने के साथ-साथ एक खूबसूरत सफर का अनुभव दिलाना है।
उन्होंने कहा कि एक प्रबंधन के अंतर्गत काम करने वाली भारतीय रेल दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल तंत्र है। रेलवे को आर्थिक व्यवहार्यता पर चलने की बजाय सामाजिक प्रतिबद्धता को ध्यान में रखना चाहिए।
बजट में यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए 1,102 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, साथ ही कोलकाता मेट्रो के भी विस्तार का प्रस्ताव है। वर्ष 2009-10 में बजटीय समर्थन में 50 अरब रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। वर्ष 2009-10 के लिए माल ढुलाई का लक्ष्य 88.2 करोड़ टन रखा गया है। रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2008-09 में माल ढुलाई में पांच फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बनर्जी को बधाई देते हुए कहा, “बजट में यात्री सुविधाओं का खासा ध्यान रखा गया है। न तो यात्री किराए में बढ़ोतरी हुई है और न ही माल भाड़े में। यात्रियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए वह बधाई की पात्र हैं।”
रेल बजट में ममता बनर्जी ने निजी-सार्वजनिक भागीदारी के आधार पर 50 स्टेशनों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने, एक दर्जन सीधी रेलगाड़ियां चलाने, युवाओं के लिए पूर्णतः वातानुकूलित ‘युवा’ रेलगाड़ी चलाने व असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 25 रुपए में मासिक पास देने की घोषणा की है।
इसके अलावा कोलकाता मेट्रो के विस्तार व उसमें छात्रों को किराए में 60 फीसदी की छूट, व्यस्त मौसम में महिलाओं के लिए विशेष रेलगाड़ियां, कोलकाता, चेन्नई और दिल्ली स्टेशनों पर नई रेल सूचना व्यवस्था, 50 मोबाइल रेल टिकट वैन, मध्य और छोटे आकार के 200 स्टेशनों पर एटीएम की सुविधा उपलब्ध करवाने की घोषणा भी की गई है।
रेल बजट में 140 संवेदनशील स्टेशनों के लिए एकीकृत सुरक्षा योजना, शारीरिक रूप से विकलांग और अल्पसंख्यकों के लिए विशेष भर्ती योजना, सभी लम्बी दूरी की रेलगाड़ियों में कम से कम एक डॉक्टर की नियुक्ति, पश्चिम बंगाल में खूबसूरत डिब्बे बनाने के लिए नया कारखाना और स्टेशनों पर ‘जनता खाना’ उपलब्ध कराने जैसी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई।
बजट में यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए 1,102 करोड़ रुपए के आवंटन और बजटीय समर्थन में 50 अरब रुपए की बढ़ोतरी की बात कही गई है वहीं वर्ष 2009-10 के लिए 88.2 करोड़ टन का माल ढुलाई लक्ष्य रखा गया है।
रेलवे के ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए सैम पित्रोदा की अध्यक्षा में समिति बनाने और माल ढुलाई टर्मिनलों के लिए निजी संचालन को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
कच्चे माल को बर्बाद होने से बचाने के लिए कोल्ड स्टोरेज और ढुलाई की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। पर्यटन और धार्मिक महत्व के 50 स्टेशनों पर एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
राजधानी एक्सप्रेस में लम्बी दूरी के यात्रियों के लिए ‘इंफोटेनमेंट’ सुविधा मिलेगी। अनारक्षित टिकट बिक्री व्यवस्था के लिए पांच हजार से बढ़ाकर आठ हजार टर्मिनल बनाए जाएंगे। यात्री अब पांच हजार डाकघरों से टिकट खरीद सकेंगे। इंटरसिटी यात्रा के लिए वातानुकूलित ‘डबल डेकर ट्रेन’ की सुविधा। प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को एसएमएस से ताजा स्थिति की जानकारी देने की बात कही गई है। महत्वपूर्ण स्टेशनों पर टिकट बिक्री के लिए 200 स्वचालित वेंडिंग मशीन की सुविधा।
बजट में मान्यता प्राप्त पत्रकारों को रेलवे कूपनों से निजात दिलाई गई। रेल मंत्री ममता बनर्जी ने इसकी जगह फोटो प्रमाण पत्र के साथ क्रेडिट कार्ड जारी करने की घोषणा की है।
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