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06 जुलाई 2009
जोश18
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने वर्ष 2009-10 के लिए आज आम बजट पेश किया। इस बजट को उन्होंने एक लोक-लुभावन तस्वीर देने के साथ-साथ, बाजार में मांग बढ़ाने और आधारसंरचना को बल देने जैसे अतिआवश्यक कदम भी उठाए।
वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट में कार्पोरेट जगत को ज्यादा कुछ नहीं दिया गया लेकिन आम भारतीय और देश के लिए महत्वपूर्ण इकाइयों के लिए काफी कुछ प्रावधान किए गए हैं। कार्पोरेट जगत को खास छूट नहीं मिलने से निराश शेयर बाजार आज लुढक गए।
एक ओर 1.2 करोड़ नौकरियां प्रति वर्ष देने का वादा है तो दूसरी ओर पुलिस/ सैन्य जवानों के लिए नई सुविधाओं का ऎलान।
बजट में कृषि जगत का खास ध्यान रखा गया है और रेल तथा सड़क तंत्र के विकास की बात की गई है।
कृषि क्षेत्र के लिए कम से कम चार प्रतिशत की विकास दर का लक्ष्य रखते हुए अर्थव्यवस्था के लिए नौ प्रतिशत की विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
| आप बोलिए: क्या बजट से आम आदमी को फायदा होगा? |
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने एक लाख 60 हजार रुपए तक की सालाना आय करमुक्त करने और महिलाओं के लिए सालाना एक लाख 90 हजार रुपए तक की आय करमुक्त करने का प्रस्ताव रखा है।
बजट: 1.2 करोड़ नौकरियां, झुग्गियां खत्म
वित्त मंत्री द्वारा आज पेश किए गए बजट के मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं:
विभिन्न कर:
- आयकर रिटर्न फार्म को सरल बनाया जाएगा।
- कर सुधारों की दिशा में इस वर्ष शुरुआत जिसे अगले चार वर्ष में पूरा किया जाएगा।
- कम्पनियों के लिए आयकर में कोई बदलाव नहीं।
- कम्पनी कर में कोई बदलाव नहीं।
- एक लाख 60 हजार रुपए तक की सालाना आय करमुक्त।
- महिलाओं की सालाना एक लाख 90 हजार रुपए तक की आय करमुक्त।
रोजगार:
- हर साल 1.2 करोड़ नई नौकरियां निर्माण करने का लक्ष्य।
- रोजगार पंजीकरण कार्यालयों का आधुनिकीकरण होगा।
- ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था होगी।
- नागरिकों के लिए विशेष पहचान नम्बर परियोजना के लिए 120 करोड़ रुपए का प्रावधान।
रक्षा:
- रक्षा बजट 1,41,703 करोड़ रुपए के आंकड़े पर बरकरार।
खेती के लिए खास बातें:
| आम बजट: सारी मुख्य बातें |
- कृषि ऋण बढ़कर 3.25 करोड़ रुपए।
- अब तक 71 हजार करोड़ के कृषि कर्ज माफ।
- 2009-10 के लिए 3,25,000 करोड़ रुपए कृषि ऋण लक्ष्य।
- साहूकारों से कर्ज लेने वाले किसानों के बारे में विचार के लिए कार्यदल बनेगा।
- कृषि ऋण के लिए दो प्रतिशत ब्याज सहायता और अल्पावधि फसली ऋण के लिए एक प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज सहायता दी जाएगी।
- किसानों को सात फीसदी की ब्याज दर पर कर्ज।
- समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को ब्याज पर एक प्रतिशत की रियायत। इस तरह अब उन्हें छह प्रतिशत ब्याज पर फसली ऋण उपलब्ध होगा।
गरीबों के लिए:
- गरीबों के मकान के लिए 3973 करोड़ रुपए।
- गरीबी रेखा से नीचे के सभी परिवारों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत लाया जाएगा।
- इसके लिए 352 करोड़ रुपए का प्रावधान।
-पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों के निर्धारण के लिए विशेष समूह के गठन का प्रस्ताव।
निर्यात क्षेत्र:
- निर्यातकों को राहत देने की योजना।
- निर्यात क्षेत्र, कपड़ा, हथकरघा, हस्तशिल्प को दो प्रतिशत ब्याज सहायता मार्च 2010 तक जारी।
- निर्यात के लिए नए बाजारों की खोज होगी।
- छोटे निर्यातकों के लिए 400 करोड़ रुपए।
- घरेलू बजट में बढ़ोतरी।
- कपड़ा, रत्न-आभूषण क्षेत्र के लिए विशेष योजना।
- प्रिंट मीडिया के लिए पैकेज दिसम्बर 2009 तक बढ़ाया गया।
- बिजली क्षेत्र के लिए बजट 160 प्रतिशत बढ़ा।
- वर्ष 2008-09 में वित्तीय प्रोत्साहन के रुप में 1,86,000 करोड़ रुपए की रियायत।
अर्थव्यवस्था:
- अर्थव्यवस्था के लिए सालाना नौ फीसदी की विकास दर का लक्ष्य।
- कृषि क्षेत्र के लिए चार प्रतिशत की सालाना विकास दर का लक्ष्य।
- भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था में वापसी के बारे में अनिश्चिता बरकरार।
- वर्ष 2008-09 में वित्तीय घाटा 6.2 प्रतिशत रहा।
- केन्द्रीय बजट खर्च पहली बार 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हुआ।
- वर्ष 2009-10 के लिए कुल व्यय बजट 10,20,838 करोड़ रुपए।
- वर्ष 2009-10 में योजनागत खर्च में पिछले वर्ष के मुकाबले 34 प्रतिशत की वृद्धि।
- गैर-योजनागत खर्च में 37 प्रतिशत वृद्धि।
- वर्ष 2009-10 में योजनागत खर्च 3,25,149 करोड़ रुपए और गैर-योजनागत खर्च 6,05,689 करोड़ रुपए होगा।
- नया प्रत्यक्ष कर कोड 45 दिन में लागू होगा।
- वर्ष 2008-09 में जीडीपी के मुकाबले कर औसत 9.2 से बढ़कर 11.2 प्रतिशत हुआ।
- सामान एवं वस्तु कर (जीएमटी) के मूल ढांचे पर राज्यों के साथ सहमति जीएसटी दोहरी प्रणाली वाला होगा।
- जीएसटी व्यवस्था एक अप्रैल 2010 से सलाह-मश्विरे के बाद लागू करने का प्रस्ताव।
- आधार संरचना क्षेत्र में कुल सकल घरेलू अनुपात (जीडीपी) का नौ प्रतिशत निवेश किया जाएगा।
- एनएचएआई में आवंटन 23 फीसदी बढ़ाया गया।
- मुम्बई बाढ़ राहत योजना का बजट 200 करोड़ से बढ़ाकर 500 करोड़।
- रेलवे को 5,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त बजट सहायता।
- केन्द्र और राज्य सरकारों से बुनियादी ढांचे के विकास के रास्ते की बाधाएं हटाने की अपील, वित्त मंत्री का पूरी मदद का आश्वासन।
बैंकिंग क्षेत्र:
- बैंकों ने देश में अब तक 3.34 करोड़ ‘नो-फ्रिल’ खाते खोले।
- गैर-बैंकिंग प्रखंडों में शाखाएं खोलने में एक बार मदद देने के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान।
ग्रामीण क्षेत्र:
- नरेगा में 2008-09 में 4.47 करोड़ परिवारों को रोजगार मिले।
- राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम (नरेगा) के लिए 39,100 करोड़ रुपए की घोषणा।
- पिछले वर्ष के मुकाबले 144 प्रतिशत की वृद्धि।
- राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए 7,000 करोड़ रुपए।
- इंदिरा आवास योजना के लिए 2009-10 में 63 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8.800 करोड़ का आवंटन।
- नई प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की घोषणा, सौ करोड़ रुपए का प्रावधान।
- ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन चलाया जाएगा।
- महिला साक्षरता के लिए राष्ट्रीय मिशन की घोषणा।
शिक्षा:
- पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के लिए 50 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान।
- नए आईआईटी और एनआईटी के लिए 450 करोड़ रुपए का प्रावधान।
- जिन राज्यों में केन्द्रीय विश्वविद्यालय नहीं है वहां इसकी स्थापना के लिए 827 करोड़ रुपए का प्रावधान।
- राष्ट्रकुल खेलों के लिए प्रावधान 2,100 करोड़ से बढ़ाकर 3,472 करोड़ रुपए।
- नए पॉलिटेक्निक कालेजों की स्थापना के लिए 495 करोड़ रुपए का प्रावधान।
अन्य:
- अल्पसंख्यकों की विकास योजनाओं के लिए 1,740 करोड़ रुपए का प्रावधान, 74 प्रतिशत की वृद्धि।
- श्रीलंका में तमिलों के पुनर्वास के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान।
- पश्चिम बंगाल में आइला तूफान से हुई तबाही के प्रभावितों के राहत एवं पुनर्वास तथा मरम्मत कार्यों के लिए 2000 करोड़ रुपए।
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