09 अक्टूबर 2009
वार्ता
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज
ईशांत शर्मा अपने निराशाजनक प्रदर्शन की वजह से भले ही आलोचनाओं के घेरे में आ गए हों लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने आज इस युवा गेंदबाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि दिल्ली के इस तेज गेंदबाज का खेल देखकर उन्हें ग्लेन मैक्ग्रा की याद आ जाती है।
कुछ वर्ष पहले अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले ईशांत का शुरुआती प्रदर्शन बेजोड़ रहा था और उनसे टीम को बेहद उम्मीदें थी लेकिन पिछले कुछ दिनों में उनकी गेंदबाजी में पहले जैसी धार नहीं दिख रही।
पढ़ें- अकरम और वॉ आईसीसी ‘हॉल ऑफ फेम’ में हालांकि दिग्गज क्रिकेटर वॉ ने ईशांत की तारीफ की और यह कबूल करने में भी जरा संकोच नहीं किया कि इस तेज गेंदबाज का प्रदर्शन फिलहाल भले ही कमजोर हुआ है लेकिन उन्होंने दावा किया कि 21 वर्षीय यह गेंदबाज किसी भी समय दुनिया की किसी भी टीम में जगह हासिल करने के काबिल है।
स्टीव वॉ फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के सिलसिले में यहां आए पूर्व क्रिकेटर ने कहा, मुझे पता है कि इस समय ईशांत कुछ अच्छा नहीं प्रदर्शन नहीं कर पा रहे है लेकिन उनके भीतर भरपूर दमखम है और वह दुनिया की अधिकतर टीमों में अपने लिए जगह बना लेंगे। ईशांत की प्रतिभा के कायल हुए वॉ ने कहा कि शुरुआती दौर में लड़खड़ाने के बाद दिल्ली के इस खिलाड़ी में भारतीय क्रिकेट को लंबे समय तक अपनी सेवाएं देने का दमखम है। उन्होंने कहा, भारतीय टीम को ईशांत के रूप में बेहतरीन खिलाड़ी मिला है और वह टीम की काफी लंबे अर्से तक सेवा करते रहेंगे। मैं ईशांत के भीतर मैक्ग्रा और जेसन गिलेस्पी की छवि देखता हूं।
वॉ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने कई वर्षों तक पूरी दुनिया में क्रिकेट पर राज किया। चैंपियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम सात एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला के लिए भारत का दौरा करेगी और वा का मानना है कि इस बार भी दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर होगी।
पढ़ें- ईशांत जल्द लय में लौटेंगे- श्रीनाथ उन्होंने कहा, भारत में अच्छे खिलाड़ियों की कमी नहीं है। हालांकि भारतीय टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी में बढ़िया प्रदर्शन नहीं किया लेकिन उनके पास अपनी काबिलियत दिखाने का यह मौका है। भारतीय टीम को अपने घरेलू मैदान पर अपने प्रशंसकों की भीड़ का बेहद फायदा मिलेगा। वॉ ने कहा, ऑस्ट्रेलिया की टीम भी इस वक्त बढ़िया प्रदर्शन कर रही है और आगामी एकदिवसीय श्रृंखला में दोनों टीमों के सामने कड़ी चुनौती होगी। मुझे नहीं पता कि कौन सी टीम यह श्रृंखला जीतेगी लेकिन मेरा अनुमान है कि श्रृंखला का परिणाम 4-3 होगा।
उन्होंने कहा, भारत के खिलाफ मैच में माइकल क्लार्क और ब्रैड हैडिन की कमी खलेगी लेकिन टीम के युवा खिलाड़ियों ने दिखा दिया है कि वह बडे़ खिलाड़ियों की कमी खलने नहीं देंगे जिस तरह चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में किया था। ऑस्ट्रेलिया की ओर से रिकॉर्ड 168 टेस्ट मैच खेलने वाले 44 वर्षीय वॉ ने महेंद्र सिंह धोनी की भी तारीफ की और कहा कि भारतीय टीम के कप्तान ने अपने छोटे से कार्यकाल में भी टीम के लिए ढेरों उपलब्धियां हासिल कर ली हैं।
उन्होंने कहा, मैंने धोनी के खिलाफ नहीं खेला है क्योंकि उनके अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने तक मैंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। लेकिन वह एक बेहद अच्छे कप्तान हैं और पूरी टीम को एक साथ लेकर चलने का उनके भीतर माद्दा है।
पढ़ें- 20-20- धोनी, ईशांत और रैना रहे ‘सुपर फ्लॉप’ आईपीएल या किसी अन्य अंतर्राष्ट्रीय टीम का कोच बनने की योजना के बारे में पूछे जाने पर वा ने कहा कि वह फिलहाल अपने काम में बेहद व्यस्त हैं। इसके अलावा वह अपने चैरिटी फाउंडेशन और शौक पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताते हैं।