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बालिका पर अत्याचार करने वाली डॉक्टर फरार
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बालिका पर अत्याचार करने वाली डॉक्टर फरार
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29 अक्टूबर 2009
वार्ता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान (एसजीपीजीआई) की डॉक्टर अरुणा भारती अब तक फरार है और पुलिस उसे गिरफ्तार करने में सफल नहीं हो पाई है। अरुणा पर ग्यारह साल की एक बच्ची रेणू पर बेरहमी से मारपीट कर घायल करने का आरोप है।
मोहनलालगंज के क्षेत्राधिकारी शशिकांत तिवारी ने कहा कि मामले के संज्ञान में आते ही सुश्री अरुणा पर मामला दर्ज कर लिया गया था। रेणू के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान हैं और उसे कल बलरामपुर अस्पताल में दाखिल कराया गया था।
श्री तिवारी ने बताया कि डॉक्टर के घर पर ताला लगा है, लेकिन उसे तलाश किया जा रहा है। डॉक्टर के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 307/ 323 / 504 और 343 तथा बाल मजदूर विरोधी कानून की धारा 4/16 और 17 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसजीपीजीआई के निदेशक आर.के.शर्मा ने कहा कि परिपत्र जारी कर डॉक्टरों से घरों में नाबालिगों से काम नहीं कराने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी जांच की जा रही है।
रेणू को बलरामपुर अस्पताल में इलाज कराने के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। उसके शरीर पर चोटों के निशान हैं। वाराणसी की रहने वाली रेणू ने आज बाल सुधार गृह में कहा कि मालकिन बात-बात पर उसे पीटती थी। काम में थोड़ी भी गलती हो जाने पर उसे मारा जाता था तथा खाना नहीं दिया जाता था। मालकिन का डर इतना था कि वह बात-बात में गलती कर देती थी।
मां-बाप को बचपन में खो चुकी रेणू ने कहा कि चाचा ने उसे बेच दिया था और डॉक्टर उसे काम में गलती होने पर बेरहमी से पीटती थी।
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