03 अगस्त 2009
वार्ता
नई दिल्ली। देश के सभी ग्रामीण एवं दूरदराज इलाकों में वर्ष 2012 तक
‘वायरलेस ब्रॉडबैंड’ सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री गुरूदास कामत ने आज लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि सरकार सार्वभौतिक सेवा दायित्व निधि (यूएसओएफ) ‘ग्रामीण तथा दूर-दराज के क्षेत्रों में वायरलेस ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी नामक’ एक योजना पर कार्य कर रही है। आरम्भ में लगभग दो लाख गांवों को ब्रॉडबैंड सुविधा प्रदान की जाएगी और शेष गांवों को चरणबद्ध रूप से कवर किया जाएगा।
पढ़ें: ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जुड़ेंगे ग्राम पंचायत इस योजना के अंतर्गत दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को सब्सिडी के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में विद्यमान
ब्रॉडबैंड अवसंरचना का उपयोग किया जाएगा। इस योजना का विस्तार वर्तमान पंचवर्षीय योजना 2007-2012 के दौरान पूरे भारत में चरणबद्ध रूप से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं में से एक
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) इस समय ग्रामीण साझा सेवा केन्द्र के लिए कनेथ्क्टविटी प्रदान कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिये बीएसएनएल की न्यूनतम प्लान प्रतिमाह 140 रूपए की है।
पढ़ें: सरकारी विद्यालय जुड़ जाएंगे ब्रॉडबैंड से उन्होंने बताया कि
ब्रॉडबैंड वायरलेस अभिगम (बीडब्ल्यूए) स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशा निर्देशों के अनुसार 2.3 गीगाहर्टज 2.5 गीगाहर्टज में प्रत्येक 20 मेगाहर्टज स्पेक्ट्रम के 4 ब्लॉक नीलामी के लिए उपलब्ध हैं।