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“अमेरिकी बैंको की खस्ता हालत छिपाई गई”
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05 अक्टूबर 2009
रॉयटर्स/ वार्ता
वाशिंगटन। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने आज अपनी रिपोर्ट में कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों ने पिछले वर्ष जानबूझकर ऐसा भ्रम फैलाया कि सरकारी सहायता ले रहे बैंकों की आर्थिक हालत काफी अच्छी है लेकिन स्थिति इसके उलट थी ।
वित्त मंत्री हेनरी पॉलसन और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष बेन बरनानके ने इस रिपोर्ट में कहा कि जिस समय आर्थिक संकट और गहराया उस वक्त सरकार तथा उसके आर्थिक राहत पैकेज की कोई विश्वसनीयता आम जनता की नजरों में नहीं थी ।
उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2008 में सरकार ने नौ बैंकों की सहायता के लिए 125 अरब डॉलर की राशि उपलब्ध कराई थी और उनका मकसद वित्तीय संस्थाओं की आर्थिक हालत मजबूत बनाना था ।
रिपोर्ट के अनुसार उस समय ऐसा कहा गया था कि आर्थिक पैकेज लेने वाली संस्थाओं की स्थिति ठीक होने पर वे अन्य संस्थाओं को कर्ज उपलब्ध करा सकेंगी ।
वित्त मंत्रालय और आपदा परिसंपत्ति राहत कार्यक्रम ने उस वक्त अपनी विश्वसनीयता खो दी जब आर्थिक पैकेज हासिल करने वाली संस्थाओं ने दूसरी संस्थाओं को कर्जा देना बंद कर दिया और सिटीग्रुप तथा बैंक ऑफ अमेरिका जैसी वित्तीय संस्थाओं को और सहायता की जरूरत पडने लगी थी ।
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