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‘क्वींस बैटन रिले’ की शुरूआत करेंगे अभिनव बिंद्रा
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23 अक्टूबर 2009
वार्ता
नई दिल्ली। ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा 29 अक्टूबर को लंदन के बकिघंम पैलेस में ‘राष्ट्रमंडल खेल-2010’ की ‘क्वींस बैटन रिले’ की शुरूआत करेंगे।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय राष्ट्रमंडल खेलों की बैटन भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को सौंपेगी। भारतीय आलंपिक संघ (आईओए) और राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी फिर राष्ट्रपति से बैटन ग्रहण करने के बाद इसे ‘गोल्डन ब्वाय’ बिंद्रा को सौंपेगे जो बैटन रिले की शुरूआत करेंगे।
क्वींस बैटन रिले राष्ट्रमंडल खेलों की सबसे पुरानी परम्परा है। बैटन रिले 340 दिन के राष्ट्रमंडल देशों के अपने अन्तर्राष्ट्रीय सफर में कुल 1,90,000 कि.मी. का सफर तय करेगी। भारत के अंदर इसका सफर 20 हजार कि मी का होगा। बैटन रिले 1,70,000 कि मी का अन्तर्राष्ट्रीय सफर जमीन हवा और समुद्र से तय करने के बाद 25 जून का वाघा सीमा के जरिए भारत में प्रवेश करेगी।
राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष कलमाड़ी ने आज यहां संवाददाताओं को यह जानकारी देते हुए कहा कि हमें अपने बैटनधारकों पर गर्व हैं जो 29 अक्टूबर को बकिंघम पैलेस और क्वीन विक्टोरिया मैमोरियल में यह बैटन थामेंगे। ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय अभिनव बिंद्रा हजारों बैटनधारकों में से बैटन थामने वाले पहले खिलाड़ी होंगे।
लंदन में क्वींस बैटन रिले की शुरुआत के अवसर पर 35 सदस्यीय भारतीय दल उपस्थित रहेगा जिसमें 11 बैटनधारक शामिल हैं। बैटन धारकों में बिन्द्रा के अलावा पेइचिंग ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार और मुक्केबाज विजेन्द्र सिंह, 1958 राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण विजेता उड़न सिख मिल्खा सिंह और औलंपियन गुरबचन सिहं रंधावा, 1980 के ऑल इंग्लैंड बैडमिटंन चैंपियन प्रकाश पादुकोण, 1983 की विश्व कप विजेता क्रिकेट टीम के कप्तान कपिलदेव, 2000 सिडनी ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारोत्तलोक कर्णम मल्लेश्वरी, टेनिस स्टार सानिया मिर्जा, पूर्व राष्ट्रीय स्क्वैश चैंपियन मिशा ग्रेवाल और हॉकी खिलाड़ी दिलीप टिर्की भी शामिल हैं।
भारत में आगमन के बाद बैटन रिले 100 दिन तक पूरे देश का भ्रमण करेगी और एक अक्टूबर 2010 को राजधानी पहुंचेगी जहां तीन अक्टूबर से 19 वे राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन होना है। भारत में बैटन रिजले का कुल सफर 20 हजार कि.मी. का है जो किसी मेजबान देश में अब तक का बैटन रिले का सर्वाधिक सफर होगा। यह सफर मैनचैस्टर और मेलबर्न में हुये पिछले दो राष्टमंडल खेलों के बैटन रिले के घरेलू सफर से दोगुना होगा।
कलमाड़ी ने कहा बैटन रिले भारत में 27 राज्यों और सात केन्द्र शासित प्रदेशों से गुजरेगी और यह सफर मैनचेस्टर तथा मेलबर्न खेलों से दोगुना होगा। उन्होने साथ ही आश्वस्त किया कि राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियां द्रुत गति से चल रही है और आयोजन समिति के सदस्य 25 घंटे एक टीम के रुप में इन पर काम कर रहे हैं।
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