16 जुलाई 2009
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने इंग्लैंड के हरफनमौला खिलाड़ी एंड्रयू फ्लिंटॉफ के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा को इंग्लैंड के लिए बड़ा नुकसानदायक बताया है।
सौरव ने अंग्रेजी मीडिया को दिए बयान में कहा, इंग्लैंड के लिए यह बड़ा झटका है। मैंने हमेशा इंग्लैंड को कहा है कि फ्लिंटॉफ के टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक खेलते रहने के लिए जरूरी है कि उनकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी में सामंजस्य बनाया रखा जाए। फ्रेडी ने हमेशा इंग्लैंड को अपनी गेंदबाजी से मुश्किल घड़ी में उबारा है क्योंकि वे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं।
पढ़ें- फ्लिंटॉफ टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेंगे फ्लिंटॉफ के चोट पर सौरव ने कहा, वे एक बड़े खिलाड़ी और खेल में चोट लगना तो खेल का एक हिस्सा है, लेकिन इनके अलावा दुनिया में और भी तेज गेंदबाज हैं जिन्हें चोट लगी है और वो अब भी टेस्ट क्रिकेट में अच्छा खेल रहे हैं।
खेल के मैदान पर सौरव और फ्लिंटॉफ का रिश्ता खटास और प्यार भरा रहा है। जब सौरव लंकाशायर की ओर से काउंटी खेल रहे थे तो फ्लिंटॉफ ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा था कि यदि कोई भारतीय खिलाड़ी टीम में है तो ऐसा लगता है जैसे प्रिंस चार्ल्स आपकी तरफ हैं।
दोनों खिलाड़ियों में एक समानता भी है और वो समानता यह है कि दोनों अपनी टीम के जीतने की खुशी पर शर्ट उतार देते हैं। फ्लिंटॉफ ने 2002 में मुंबई में तीसरे एकदिवसीय में इंग्लैंड की भारत पर जीत के समय शर्ट निकाल हवा में लहराई थी।
पढ़ें- इंग्लैंड को ‘फ्रेडी’ की कमी सताएगी- स्ट्रॉस इसके कुछ महीने बाद ही सौरव ने नेटवेस्ट श्रृंखला के तहत लार्ड्स में खेले गए एकदिवसीय मैच में इंग्लैंड को हरा अपनी शर्ट हवा में लहरा फ्लिंटॉफ से बदला चुका लिया।
31 वर्षीय फ्लिंटॉफ ने बुधवार को एशेज श्रृंखला में लार्ड्स में खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट से पूर्व टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। उनको कार्डिफ में खेले गए पहले टेस्ट मैच के दौरान घुटने में चोट लगी थी।
फ्लिंटॉफ ने 1998 में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। उन्होंने इंग्लैंड के लिए कुल 71 टेस्ट और 141 एकदिवसीय मैच खेले हैं। टेस्ट मैचों में उन्होंने 219 विकेट लिए हैं। 2005 की एशेज श्रृंखला में इंग्लैंड की जीत में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।