सिपाही ने उसका नकाब फाड़ डाला। बूढ़े को देखकर उन्हें बड़ी ख़ुशी हुई। वे एकदम चिल्ला उठे, ‘यही तो-यही है वह। पकड़ लो इसे। पकड़ लो इसे। गिरफ्तार कर लो।’ वे उसे बाँधकर महल में ले आए। रास्ते में वे बहस करते रहे कि इस बूढ़े की मौत किस तरह होगी और तीन हज़ार तंकों का इनाम किसे मिलेगा? उनकी बातचीत का हर शब्द बूढ़े के दिल पर जलते हुए अंगारे के समान लग रहा था।