क्या हंसी से जिंदगी हसीन हो जाती है?
हँसने से कुछ नही होता..आदमी का अगर मन प्रसन्न हो तो जिंदगी हसीन तो वैसे ही हो जाती है.. वरना हंसते रहो.. ख़ुसी नही मिलेगी..ज़्यादा हँसने से सामने वाला पागल समझता है.....
parmeshwar jodhpur
Jun 25, 2009
सूबेदार संता और सूबेदार इमामुद्दीन ब्रिटिश फौज के एक ही रेजिमेंट में थे। दोनों आपस में गहरे दोस्त थे। दोनों हर शाम शराब पिया करते। विभाजन के बाद इमामुद्दीन पाकिस्तान चला गया। अपने दोस्त की याद को जिलाए रखने के लिए सूबेदार संता हमेशा दो गिलासों को शराब से भरकर बारी-बारी से चुस्की लिया करता। एक दिन बार के मालिक ने संता से ऐसा करने का कारण पूछा। “यह गिलास इमामुद्दीन है और यह मैं हूं। इसलिए मैं दोनों में से थोड़ा-थोड़ा पीता हूं। एक इमामुद्दीन के लिए और एक मैं अपने लिए।” बार के मालिक ने एक शाम
Jun 16, 2009