नसरुद्दीन ने अमीर के आगे अदब से झुककर कहा, ‘अमीर-आज़म, हो सकता है यह कोई बदमाश जादूगर हो, जो सितारों की ख़तरनाक गर्दिश से फ़ायदा उठाना चाहता हो। अगर ऐसा हुआ तो यह अमीरे-आज़म के क़दमों की धूल में चिमगादड़ का दिमाग़ मिलाकर हुजूर के हुक्के में डाल देगा, जिससे हुजूर की सेहत ख़तरे में पड़ जाएगी। इस वक्त तो इसकी ज़िंदगी बख्श दी जाए और इसे मेरे सुपुर्द कर दिया जाए।..”