क्या हिंदी में किताबें कम पढ़ी जाती हैं?
किया किताबी दुनिया के लिए कोई मसाला नहीं मिल रहा है किया?पत्ता नहीं आप कितीने दीनूं से कुछ नया न्हीं छाप रहें हैं? के जी कुंगवानी.
Dec 08, 2009
जी हाँ! मैं मानता हू की आज कल के आधुनिक दौर मे हिन्दी की किताबे कम पढ़ी जाती हैं, लेकिन मेरी राई से अगर हमे इस देश का सर्वांगीण विकास करना हैं तो हम सबको हिन्दी भाषा का ही उपयोगा करना होगा, क्यूँ की हिन्दी ही हमारी राष्ट्रभाषा हैं बाद मे सभी प्रदेशिक भाषा आती हैं! हिन्दी भाषा विपुल साहित्या से ओतप्रोता हैं खास कर के मुझे "मुंशी प्रेमचंद" की किताबें बहुतपसंद हैं! इसलिए मेरा यहाँ आगरा हैं की हम सभी को हिन्दी का योगया ध्यान होना आवश्यका हैं ज़ई हिंद,ज़ई भारत!
Tushar Umakant Fulzele Wardha, Maharashtra.
Nov 21, 2009