03 जुलाई 2009
बड़ी खबरें:
किताबी दुनिया
पवनपुत्र मकरध्वज की कथा
पवनपुत्र हनुमान बाल-ब्रह्मचारी थे। लेकिन मकरध्वज को उनका पुत्र कहा जाता है। यह कथा उसी मकरध्वज की है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, लंका जलाते समय आग की तपिश के कारण हनुमानजी को बहुत पसीना आ रहा था। इसलिए लंका दहन के बाद जब उन्होंने अपनी पूँछ में लगी आग को बुझाने के लिए समुद्र में छलाँग लगाई तो उनके शरीर से पसीने के एक बड़ी-सी बूँद समुद्र में गिर पड़ी।
पंचतंत्र
छोटे का भी साथ भला
कभी कभी छोटी सी दिखने वाली चीज मौके पर बड़े काम आ जाती है।
लोककथा
नवरात्रि व्रत की महिमा
धन सम्पदा और मान सम्मान देने वाली मां दुर्गा के व्रत का महत्व।
जानकारी
 क्या आप जानते हैं?
पृथ्वी की रचना को बारह युगों में बांटा गया है, जिसमें तीसरा द्वापर युग था।
भेजा फ्राई
नया फ्रिज नहीं आया
दो घरों को लेकर भ्रम में सामान की हेरा-फेरी भी हो जाती है।
शोएब अख्तर आईपीएल की किस टीम में शामिल हैं?
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क्या हिंदी में किताबें कम पढ़ी जाती हैं?
मतदाता राष्ट्र के निर्माता है खबरदार
 
Jun 16, 2009
Essay on festivals of india
 
May 23, 2009

. क्या आप जानते हैं कि हर रोज लगभग 80 बाल झड़ते हैं।

. औसतन मनुष्य के सर पर 1,00,000 बाल होते हैं।

. मनुष्य के त्वचा का औसत वजन 61 पाउंड का होता है।

. पैर के नाखून हाथों की उंगलियों के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ते हैं।

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