Nov 04, 2009
लोग दिल से अपने देश के लिए पार्थना करते है, हर हिन्दुस्तानी हर खिलाड़ी का उत्साह बदाता है, लेकिन ये लोग मेच पहले से फ़िक्श कर देते है, धोनी ने बेटिंग पिच पे आस्टेलिया को बेटिंग देना, सचिन का ग़लत आउट देना युवराज का रन आउट होना, मोहाली की पिच ३०० स्कोर मांगती है उस पर पेंतल्सी ओवर मे आल आउट हो जाना, उस बिकेट पे इंडिया को सात विकेट से जितना चाहिए, इंडिया के हराने से बोर्ड को पेसे मिलते है, सिरीज़ एक तरफ होने से क्रॉड ख़तम हो जाती है मोरल : पेसा भी हमारा तेल और चादर भी हमारी
pratap thakur JOGINDER NGR MANDI HP
Nov 03, 2009
सबसे पहले तो टीम मे से रवीन्द्र जडेजा को बाहर करने की ज़रूरत है, जिसे सेलेक्टर्स ने ऑल रआउंडर के लिहाज से सेलेक्ट किया था, जिसने फर्स्ट मॅच में भी कई बॉल्स बिगाड़कर कुच्छ ४-५ रन बनाए थे, उन्ही कम बाल्स की वजह से भारत मॅच हर गया था, दूसरा चौथे मॅच में भी २२ बॉल्स पर ७ रन बनाकर टीम को प्रेशर में ला दिया. वाहा रन बनाने की ज़रूरत थी ना की बॉल बिगाड़ने की. समझदार को इशारा ही काफ़ी होता है
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