02 जनवरी 2008
वार्ता
सिडनी। भारत के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट में नाबाद शतक बनाने वाले ऑलराउंडर एंड्रयू सायमंड्स ने स्वीकार किया कि वे युवा तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा की गेंद पर विकेट के पीछे कैच हो गए थे।
सायमंड्स ने आज पहले दिन के खेल के बाद माना कि वे आउट थे।
पढ़िए- गलत अंपायरिंग भारत पर भारी उल्लेखनीय है कि अम्पायर स्टीव बकनर ने भारतीयों की जोरदार अपील के बावजूद सायमंड्स को नॉट आउट करार दिया।
सायमंड्स ने उपहार में मिले इस जीवनदान का भरपूर फायदा उठाकर नाबाद 137 रन ठोक डाले और दिन के खेल की समाप्ति पर ऑस्ट्रेलिया को सात विकेट पर 376 रनों की मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
देखिए मैच रिपोर्ट इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के 6 विकेट मात्र 134 रन पर गिर चुके थे। सायमंड्स को जब जीवनदान मिला तब उनका स्कोर मात्र 30 रन था। यदि वे आउट दिए जाते, तो ऑस्ट्रेलिया के लिए 200 रन तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता। लेकिन ऑस्ट्रेलिया को बकनर के रूप में भाग्य का साथ मिला और उसका उसने पूरा फायदा उठा लिया।
सायमंड्स ने अपनी पारी में 17 चौके और दो छक्के लगाते हुए भारतीय गेंदबाजों का दम निकाल दिया।
लेकिन दिन के खेल के बाद उन्होंने संवाददाताओं के समक्ष खुद स्वीकार किया कि वे विकेट के पीछे कैच दे चुके थे।
क्रिकेट विशेष-
कंगारुओं से जंगउन्होंने कहा, “मैं भाग्यशाली हूं कि मैं आउट था, लेकिन नॉट आउट दिया गया। मगर मैं मानता हूं कि यह सब खेल का हिस्सा है। मैं भी आपको बता सकता हूं कि मुझे भी गलत निर्णय झेलने पड़े थे, लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा”।
सायमंड्स को आज एक और जीवनदान उस समय भी मिला जब उनका स्कोर 48 रन था और तीसरे अम्पायर ऑस्ट्रेलिया के ब्रूस ओक्सेनफोर्ड ने अनिल कुंबले की गेंद पर स्टम्पिंग की अपील को ठुकरा दिया।
पढ़िए- सचिन के पीछे पड़े हैं अंपायर जबकि रिप्ले में साफ था कि विकेटकीपर महेन्द्र सिंह धोनी द्वारा बेल्स बिखेरे जाने के समय सायमंड्स का पैर जमीन से जरा ऊपर था।
सायमंड्स ने हालांकि अम्पायरों का बचाव करते हुए कहा, “आपको यह ध्यान रखना होगा कि वे भी इंसान हैं। मुझे नहीं लगता कि हर फैसले को तीसरे अम्पायर के पास ले जाने की जरुरत है। इनमें सुधार किया जा सकता है। यह एक महान खेल है। लोग गलतियां करते हैं, खिलाड़ी भी रोजाना गलतियां करते हैं और अम्पायर भी गलतियां करते हैं।”
पढ़िए- मैच रेफरी ने युवराज को निर्दोष बताया उन्होंने कहा, “आपको यह देखना है कि आप हालात को कैसे संभालते हैं और उन गलतियों के बावजूद आप कैसे आगे बढ़ते हैं।”
तस्वीरें देंखे- सिडनी टेस्ट के नजारे अपने शतक पर गहरा संतोष व्यक्त करते हुए सायमंड्स ने कहा, “शतक बनाने पर हमेशा सुखद अनुभूति होती है और इस शतक के बाद मुझे भी गहरा संतोष हो रहा है। लेकिन इस शतक का मेरे लिए मायने तभी होगा जब हम इस टेस्ट में अच्छा परिणाम हासिल कर सकें और मैं कह सकूं कि इस जीत में मेरा भी योगदान रहा है”।
ऑलराउंडर ने कहा, “400 रन पहली पारी में अच्छा स्कोर होगा और मुझे लगता है कि इसके बाद हम उस स्थिति में होंगे जहां से हम मैच नहीं हारेंगे”।
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया का संघर्ष उसकी बल्लेबाजी क्षमता और मानसिक दृढ़ता का प्रमाण है और वे अब इस स्थिति में हैं कि वे आगे चलकर मैच जीत भी सकते हैं।
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