25 अप्रैल 2008
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
सुदेशना सरकार
काठमांडू। नेपाल में गत 10 अप्रैल को हुए संविधान सभा के चुनावों में भारी जीत हासिल करने वाली नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेता प्रचंड ने कहा है कि राजा ज्ञानेन्द्र के साथ किसी तरह के समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है।
प्रचंड ने कहा, “देश में राजशाही के सभी प्रतीक समाप्त किए जाएंगे और सही मायनों में एक गणतंत्र की स्थापना की जाएगी”।
गौरतलब है कि इन चुनावों में नेपाल नरेश समर्थक और पूर्व गृह मंत्री कमल थापा की पार्टी 240 में से एक भी सीट पर जीत दर्ज कर पाने में नाकाम रही है।
नेपाल नहीं छोड़ूंगा: नेपाल नरेश ज्ञानेन्द्र चुनाव नतीजे आने के बाद प्रचंड ने थापा से मुलाकात की थी।
माओवादी पार्टी के विदेशी मामलों के प्रभारी चंद्रप्रकाश गजुरेल ने इस मुलाकात के बारे में बताया, “यह मुलाकात इसलिए हुई थी ताकि देश में लोकतंत्र की स्थापना के बाद नेपाल नरेश के पदत्याग का मार्ग प्रशस्त किया जा सके”।
नेपाल: माओवादी सरकार का नेतृत्व करेंगे उन्होंने कहा कि थापा राजा ज्ञानेन्द्र तक प्रचंड का संदेश पहुंचाने के लिए तैयार हो गए हैं, हालांकि यह पता नहीं चला है कि नेपाल नरेश ने इसपर क्या प्रतिक्रिया व्यक्त की।
माओवादी नेता बाबूराम भट्टराई ने कहा, “अगर वे स्वेच्छा से महल छोड़ देते हैं तो एक सम्मानीय नागरिक के रूप में उनके देश में रहने के अधिकार का सम्मान किया जाएगा”।
नेपाल में राजा को महल छोड़ने का नोटिस