Jun 25, 2008
पते की बात तो यहा हे की किसी से भी नही पूछो , बस यहा देखो की यहा समझौता देश के लिए अच्छा है या नही .................????????????????? भाई अगर फायदे की बात हे तो ,,,, कर लो ,,,,, नही तो छोड़ दो ,,,,,, भाई याद रखना आने वाले चुनाव मे पड़े लिखे लोगो को ही वोट देना ,,, ताकी वो काम कर सके ,,,, ओर भाई ,,, सोंच समजकर ही किसी पार्टी को वोट देना ,,,, ओर सारे वोट किसे एक ही पार्टी को ही देना ,,,,,,,,, ताकी ये वामपंति वाले ,, बीच मे नही आए >>>>> हमारे नेता लोग वामपंति के कारण कोई भी काम ठीक ढंग से नही कर पाएगे ,,,,, जय हिंद जय भारत ,,,,,,,,,?????? ,, देश का सुभ चिंतक
jay indoer
Jun 24, 2008
जब यू पी ए का शासन इतना दुर्बल है, की वाम पंथियों के बैसाखी के बल चल रहा है, ---भारत के हित मे, खुली खुली चर्चा होनी चाहिए| और कुछ निर्णय सरल सरल हाँ, या ना, मे सोचने के पहले, हर प्रकार के कितना लाभ और कितनी हानि---इसका विगत वार सोच वृत्त पत्रों मे --खुला खुला हो| विशेषज्ञ अपनी राय व्यक्त करें, देश हितैशी भी अपनी बात रखे-----इसके आधार पर "सारासार" विवेक से निर्णय लिया जाए| विरोधी पक्ष भी शासन से देश हित मे सही निर्णय को सम्मति देने आगे आए| सारी शंकाए और प्रश्न देशके हित मे मिल जुल के सुलझाए| इतना बड़ा निर्णय कोई जुआ नही है| देश किसी परिवारकी निजी बपोती नहीं है| हित चिंतक
Hit Chintak Boston