08 सितम्बर 2008
वार्ता
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गाट ने कहा है कि पाकिस्तान में सुरक्षा की खराब स्थिति को देखते हुए
चैम्पियंस ट्रॉफी को स्थगित किया गया है और इसमें नस्लभेद वाली कोई बात नहीं है।
पढ़ें: चैम्पियन्स ट्रॉफी का आयोजन 2009 तक टला लोर्गाट ने आज यहां संवाददाताओं से कहा, “एशियाई देशों को इस तरह की बात नहीं सोचनी चाहिए। हमने पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया और हालात सही नहीं होने के बाद चैम्पियंस ट्रॉफी को स्थगित करने का फैसला किया गया।”
उन्होंने कहा, अगर खिलाड़ी कहीं जाना नहीं चाहते हैं तो हम उनपर दबाव कैसे बना सकते हैं। मौजूदा हालातों में हमने सही फैसला लिया।
पढ़ें: चैम्पियन्स ट्रॉफी टलने से खुश हैं पाक क्रिकेटर यह पूछने पर कि क्या
आईसीसी ऑस्ट्रेलिया ,
न्यूजीलैंड ,
दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसे देशों के सामने झुक कर दंतविहीन संस्था (टूथलेस बाडी) तो नहीं बन गई लोर्गाट ने इस आरोप का जोरदार खंडन करते हुए कहा, “यह सरासर गलत आरोप है। हमने सुरक्षा स्थिति और खिलाड़ियों की मनोदशा जानने के बाद यह फैसला किया। इसमें किसी का दबाव नहीं था। हम सभी सदस्य देशों के साथ मशविरा करके निर्णय लेते हैं।”
पढ़ें: संतुलित कार्यक्रम बनाना एक समस्या:आईसीसी यह पूछने पर कि आईसीसी खिलाड़ियों के चयन पैनल में भारत के किसी खिलाड़ी को क्यों नहीं चुना गया, उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट समिति के अध्यक्ष
सुनील गावस्कर के इस्तीफा देने के कारण ऐसा हुआ।
ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल करने के सवाल पर लोर्गाट ने कहा, आईसीसी इसके लिए विस्तृत कार्यक्रम बना रहा है। मैथ्यू केनेडी इस कार्यक्रम को अमलीजामा पहनाने में लगे हैं। हम क्रिकेट के ज्यादा सदस्य देश बनाने में लगे हुए हैं। इसीलिए आईसीसी ने
आईएस बिंद्रा की भूमिका स्पष्ट कर दी है और वह भी क्रिकेट के विस्तार के लिए योजना बनाएंगे।
पढ़ें: चैम्पियंस ट्रॉफी स्थगित होने से निराश हैं इमरान भविष्य के क्रिकेट कार्यक्रम के अति व्यस्त होने के सवाल पर उन्होंने कहा, ऐसा कुछ नहीं है। हम सभी सदस्य देशों के लिए राजी होने के बाद ही ऐसा कार्यक्रम बनाते है। हम एक फ्रेमवर्क पर काम करते हैं।
पढ़ें: द.अफ्रीका भी चैम्पियन्स ट्रॉफी से हटा श्रीलंका और भारत के बीच हाल में संपन्न हुई टेस्ट श्रृंखला में रेफरल सिस्टम की सफलता के सवाल पर लोर्गाट ने कहा, वाकई इसपर काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। यह सफल रहा है। हालांकि कुछ कमियां हैं और उस बारे में हमें सलाह मिल रही है। इन सलाहों पर हम विचार कर इस व्यवस्था को और चुस्त दुरूस्त करने की कोशिश करेंगे।