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जानवरों के लिए भी अब होम्योपैथी
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16 अगस्त 2007
प्रशांत के. नंदा
नई दिल्ली। अगली बार जब आपका प्रिय कुत्ता या बिल्ली बीमार पड़े तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं। आप उसे कड़वी एलोपैथी दवाइयों की बजाय होम्योपैथी की कुछ मीठी गोलियां खिला कर तंदुरुस्त कर सकते हैं।
डॉ. बत्रा के डॉक्टर होम्योपैथी की मीठी गोलियों से कई जानवरों का इलाज कर रहे हैं। जानवरों को बुखार, दस्त या त्वचा संबंधी बीमारियों के लिए होम्योपैथी की गोलियां या फिर तरल पदार्थ दिया जा रहा है। दरअसल, डॉ. बत्रा होम्योपैथिक क्लीनिक चलाने वाली एक अग्रणी संस्था है। डॉ. बत्रा के पॉजीटिव हेल्थ क्लीनिक के निदेशक मुकेश बत्रा ने कहा, “होम्योपैथी की इवाइयों के माध्यम से हम नई दिल्ली स्थित संजय गांधी पशु देखभाल केंद्र में जानवरों का इलाज कर रहे हैं। होम्योपैथी दवाइयों का असर कुत्तों, घोड़ों और अन्य जानवरों पर काफी सकारात्मक दिख रहा है।”
बत्रा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि होम्योपैथी से बीमारी ठीक होने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन इसका प्रभाव अन्य उपचार प्रणालियों की तुलना में ज्यादा प्रभावी होता है। उन्होंने कहा कि पशुचिकित्सा केंद्र में होम्योपैथी की सफलता का प्रतिशत 90 से ऊपर है।
संजय गांधी पशु देखभाल केंद्र एनीमल केयर सेंटर के प्रशासक प्राज्ञा जुनेजा ने कहा, “इस केंद्र में करीब 1,300 जानवर और पक्षी हैं। इनमें कुत्ते, बिल्ली, घोड़े, कबूतर, मोर आदि हैं। इन सभी जानवरों और पक्षियों को जरूरत के हिसाब से होम्योपैथी की दवाइयां दी जा रही हैं।”
जुनेजा ने कहा, “करीब एक साल से हम जानवरों का होम्योपैथी इलाज कर रहे हैं और परिणाम को देखकर हम काफी खुश हैं। इस इलाज पद्घति की सबसे बढ़िया चीज जानवरों को इन दवाइयों को देने में किसी तरह की परेशानी का नहीं आना है। दरअसल, होम्योपैथी की अधिकतर दवाइयां मीठी होती हैं और जानवर आसानी से इसे खा लेते हैं।”
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