07 जनवरी 2009
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
नई दिल्ली। ट्रकों की हड़ताल से भारतीय अर्थव्यवस्था को रोजाना 10 अरब रुपए का नुकसान होने की आशंका है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाजेशन (एफआईईओ) के अध्यक्ष ए.शक्तिवेल ने कहा कि रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपए के सामान का परिवहन होता है। ट्रकों की हड़ताल के चलते इसका नुकसान होगा।
देशव्यापी ट्रक हड़ताल का व्यापक असर उल्लेखनीय है कि हड़ताल की वजह से सोमवार सुबह से ही सड़कों से करीब 60 लाख ट्रक हट गए। इससे आवश्यक वस्तुओं की कमी होने और हर जगह दामों के बढ़ने की आशंका है।
ट्रक संगठनों की मांग है कि मौजूदा आर्थिक मंदी को देखते हुए डीजल के दाम में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की जाए और टायरों के दामों को युक्तिसंगत बनाया जाए।
ट्रक मालिकों की हड़ताल जारी ट्रक संगठनों की सर्वोच्च संस्था ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) का कहना है कि वह इस बात का ध्यान रखेगी कि उसकी हड़ताल से आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित न हो।
एआईएमटीसी के महासचिव एस.वेणुगोपाल ने आईएएनएस से कहा कि हमने ट्रक मालिकों को यह निश्चित करने को कहा है कि सब्जियों, फलों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित न हो।