03 फरवरी 2009
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
काठमांडू। हिंदी फिल्म ‘चांदनी चौक टू चाइना’ पर प्रतिबंध लगाए जाने के 15 दिन बाद राजधानी काठमांडू में एक बार फिर से बुद्ध के जन्म स्थान को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
हिन्दी फिल्म ‘चांदनी चौक टू चाइना’ एक संवाद में कहा गया है कि बुद्ध का जन्म भारत में हुआ था। इस बात लेकर भड़की हिंसा को देखते हुए नेपाल सरकार ने फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया था।
नेपाल में पशुपति विवाद और बढ़ा इस बार छात्रों का आक्रोश नेपाल के सबसे पुराने विश्वविद्यालय त्रिभुवन युनिवर्सिटी की ओर मुड़ गया है। यहां पाठ्यक्रम में लगाई गई एक अमेरिकी अध्येता की किताब में भी बुद्ध के जन्म स्थान को लेकर गलत सूचना पाई गई है।
सत्ताधारी माओवादी पार्टी के छात्र युनियन की ओर से सोमवार को पाठ्य पुस्तक की प्रतियां जलाई गईं। इस पुस्तक का नाम है ‘ए हिस्ट्री ऑफ नॉलेज: पास्ट, प्रजेंट एंड फ्यूचर’। इसे लिखा है अमेरिकी लेखक चार्ल्स वैन डोरेन ने।
वाराणसी में है नेपाल की एक धरोहर इस पुस्तक को विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के परास्नातक के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम में लगाई गई है। इस किताब में लिखा हुआ है कि बुद्ध का जन्म उत्तर भारत के एक राजशाही परिवार में हुआ था।
ऑल नेपाल स्टूडेंट्स युनियन (रिवल्यूशनरी) ने विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग को भी एक ज्ञापन सौंपा है। छात्रों ने इस किताब को निर्धारित किताबों की सूची से बाहर निकालने की मांग की है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मांगी गई तो वे आंदोलन शुरू करेंगे।
उधर, सोमवार को अंग्रेजी विभाग की ओर से एक सूचना जारी की गई। इसमें छात्रों से कहा गया कि किताब में बुद्ध के जन्म दिन के संबंध में दी गई गलत जानकारी को नजरअंदाज कर दिया जाए।