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आजम भाई को सलाम और शुक्रिया: जयाप्रदा
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18 मई 2009
वार्ता
रामपुर। समाजवादी पार्टी (सपा) की नवनिर्वाचित सांसद जयाप्रदा ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और महासचिव पद से त्यागपत्र दे चुके मोहम्मद आजम खान को “सलाम और शुक्रिया” पेश किया है ।
जयाप्रदा ने कल यहां कहा कि मुझे चुनाव में विजय दिलाकर रामपुर की जनता ने उन ताकतों को सबक सिखाया है जो उनके प्रत्याशी होने का विरोध कर रहे थे। आजम खान के सबंध में उन्होने सिर्फ इतना कहा “उनको मेरा सलाम और शुक्रिया”।
सुश्री जयाप्रदा ने यहां पत्रकारों से बातचीत में अपने को भाग्यशाली करार देते हुये कहा कि “मैं खुशकिस्मत हूं कि मैने रामपुर से चुनाव लड़ा जहां की जनता ने राजनीतिक संघर्ष में खुलकर मेरा साथ दिया और आजम खान और उनके समर्थकों की मुखालफत की जो मेरे प्रत्याशी होने का खुलेआम विरोध कर रहे थे।” उन्होने कहा कि यदि आजम खान उनका विरोध नहीं करते तो शायद ही वह यहां से जीत पातीं। उन्होंने कहा, यह चुनाव उन्होने नही बल्कि यहां की जनता ने लड़ा है और उन ताकतों को शिकस्त दी है जो सपा की जड़ उखाड़ना चाहते हैं।
सपा सांसद ने कहा कि वर्ष 2004 के चुनाव में श्री खान ने उनको विजय दिलवाने में कोई कोरकसर नही छोड़ी थी लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट थी। इस चुनाव में उन्होने तमाम मर्यादाओं को ताक में रखते हुये उनका न केवल विरोध किया बल्कि कई मौकों पर भद्दी गालियां भी दी ।
सुश्री जयाप्रदा ने कहा कि इन सबके बावजूद वह आजमखान को बड़ा भाई मानती है और भविष्य में भी मानती रहेंगी। जयाप्रदा ने इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नूरबानों को 37 हजार वोटों से करारी शिकस्त दी।
आजम खान ने पार्टी छोड़ी
इस बीच आजम खान ने आज पार्टी के महासचिव पद और संसदीय बोर्ड की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। इस मौके पर उन्होने कल्याण सिंह की सपा से बढ़ती नजदीकियों का हवाला देते हुये दावा किया कि इस बेमेल रिश्ते के चलते सपा का एक भी मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सका और इनमें से कई को अपनी जमानत भी गंवानी पड़ी ।
श्री कल्याण सिंह की ओर निशाना साधते हुये उन्होने कहा कि मुरादाबाद, संभल और अमरोहा संसदीय क्षेत्र से जमानत बचाने में विफल रहे सपा के मुस्लिम प्रत्याशियों ने पार्टी टिकट पर चुनाव लड़कर गैर मुस्लिमों से बड़ा अपराध किया है।
पार्टी के बागी नेता ने श्री मुलायम सिंह यादव पर आरोप लगाते हुये कहा कि उन्होंने बाबरी विध्वंस के जिम्मेदार श्री सिंह से हाथ मिलाकर मुस्लिमो के साथ छल किया है और यही कारण है कि सपा के सभी मुस्लिम प्रत्याशियों को हराकर इस वर्ग ने अपना विरोध प्रदर्शित किया है।
श्री खान ने पार्टी नेतृत्व को इस हार से सीख लेने की सलाह देते हुये कहा कि पैसा और समृद्धि के जरिये चुनाव नही जीते जाते और यदि इससे सबक नही लिया तो पार्टी की लुटिया डूबने से कोई नही बचा सकता ।
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