29 मई 2009
वार्ता
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने भारत द्वारा खुफिया उपग्रह और ‘अवाक्स प्रणाली’ हासिल करने से क्षेत्र में शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताते हुए कहा हैं कि इस वर्ष के अंत तक वह भी ‘अवाक्स प्रणाली’ हासिल कर लेगा।
वायु सेना प्रमुख राव कमार सुलमान ने कल एक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी देते हुए कहा कि भारत द्वारा ये प्रणाली हासिल कर लेने से क्षेत्र में हथियारों की होड़ बढ़ गई हैं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस आधुनिक दुनिया में किसी इलाके को दुश्मन की निगाह से छिपाना मुश्किल हैं लेकिन इसके लिए कारगर तरीका खोजने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं।
चीफ मार्शल सुलमान ने कहा कि भारत की ओर से पैदा किये गए इस खतरे से निपटने के लिए हम एफ-16 लड़ाकू विमानों के साथ आधुनिक उपकरण हासिल कर रहे हैं। पाकिस्तान के वायु सेना के बेड़े में ‘अवाक्स प्रणाली’ भी अक्टूबर-नवंबर तक शामिल कर ली जाएगी।
उन्होने कहा कि भारत ने लम्बी दूरी तक मार करने वाली (बीवीआर) साढे तीन हजार मिसाइल एकत्रित कर ली हैं जबकि पाकिस्तान शक्ति संतुलन और प्रतिरोधक क्षमता बनाये रखने के लिए इस तरह की मात्र 500 मिसाइल हासिल करने की प्रक्रिया में हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर क्षेत्र स्वात में तालिबान विद्रोहियो के खिलाफ कार्रवाई में वायु सेना अहम भूमिका निभा रही हैं। विद्रोहियों के खिलाफ अत्याधुनिक उपकरणों और हथियारो के इस्तेमाल में इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा हैं कि जान माल का ज्यादा नुकसान न होने पाए। उन्होने कहा कि सटीक निशाने वाले उपकरणों और हथियारों का इस्तेमाल कर उन्ही इलाकों पर हमले किये जा रहे हैं जहां विद्रोहियों ने हथियार इकट्ठा कर रखे हैं या उनके प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा वायु सेना विद्रोहियों के खिलाफ अभियान में थल सेना की मदद कर रही है।