|
|
|
|
|
| बड़ी खबरें: |
| ads by google |
22 जून 2009
वार्ता
वॉशिंगटन। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने आरोप लगाया है कि पश्चिमी देश विशेषकर अमेरिका ने क्षणिक स्वार्थ और हित के लिए फिलीपींस, ईरान और पाकिस्तान में तानाशाहों की मदद की है।
‘वॉशिंगटन पोस्ट’ में लिखे अपने लेख में जरदारी ने कहा कि यदि अल-कायदा और तालिबान आतंकवादियों को पाकिस्तान और अफगानिस्तान में नहीं हराया गया, तो यह पूरे विश्व में फैल जाएंगे।
आतंकियों पर कार्रवाई करेंगे, जरदारी का वादा
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और विश्व समुदाय आतंकवाद के विरूद्ध चल रही लड़ाई में हार बर्दाश्त नहीं कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद की मार से जूझ पाकिस्तान को तुरंत अंतराष्ट्रीय मदद की जरूरत है। जरदारी ने विश्व समुदाय से अनुरोध किया है कि वह पाकिस्तान में लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आए।
उन्होंने कहा, “हमें तुरंत सहायता की आवश्यकता है, पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी संघर्ष में अमेरिका और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की अपेक्षा अधिक कीमत चुकानी पड़ी है।
ब्रिटेन की पाक को 1.2 करोड़ पाउण्ड की मदद
जरदारी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी इस बात को माना है कि जब तक पाकिस्तान आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होता, तब तक आतंकवाद के खतरे का सामना नहीं कर सकता है। इसीलिये ओबामा प्रशासन ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए 1.5 अरब डॉलर की सहायता मंजूर की है।
उन्होंने विश्व के अन्य देशों से अपील की कि वह अमेरिका का अनुसरण करते हुए पाकिस्तान को सहायता प्रदान करें।
उन्होंने विश्व समुदाय से आह्वान किया कि वह उत्तरी पश्चिमी इलाके में चल रहे संघर्ष की वजह से विस्थापित हुए लाखों लोगों की मदद के लिए आगे आए।
जरदारी ने माना भारत नहीं है खतरा
| ads by google |

ख़बरें
सबसे ज्यादा पाठकों की राय
तस्वीरें
सबसे ज्यादा पाठकों की राय
वीडियो
क्रिकेट समाचार