18 सितम्बर 2009
वार्ता
लाहौर। बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय दबावों के बीच पाकिस्तान पुलिस ने मुम्बई हमलों के मास्टर माइंड और जमात उद दावा प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ आतंकवाद निरोधी कानून के तहत दो और उसके एक निकटस्थ सहयोगी अबु जिंदाल के खिलाफ एक मामला दर्ज कर लिया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कल देर रात बताया कि फैसलाबाद पुलिस स्टेशन में सईद के खिलाफ दो तथा जिंदाल के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज किया गया है। इन लोगों पर काफिरों के खिलाफ लोगों को जिहाद में शामिल होने के लिए भड़काने का आरोप लगाया गया है।
पाक हफिज सईद को पकड़ने को बाध्य नहीं: मलिक उन्होंने बताया कि सईद ने 27 और 28 अगस्त को इफ्तार पार्टी में भाग लिया तथा अपने प्रतिबंधित संगठन जमात उद दावा के कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई। इस बैठक में उसने अपने कार्यकर्ताओं से जिहाद में शामिल होने की अपील की।
सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में सईद ने वहां पर जिहाद के लिए चंदा जुटाने की भी कोशिश की। इस बैठक में सईद ने कथित रूप से वहां पर उपस्थित लोगों को जिहाद का महत्व बताते हुए उनसे काफिरों के खिलाफ जिहाद में शामिल होने की अपील की जबकि अबु जिंदाल ने अलग से एक बैठक की थी जिसमें उसने जिहाद के बारे में भाषण दिया था।
पाक फिर मुकरा,कहा सईद के खिलाफ सबूत नहीं सईद के खिलाफ ऐसे समय में मुकदमा दायर किया गया है जबकि भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिव संयुक्त राष्ट्र की बैठक के दौरान न्यूयॉर्क में मिलने वाले हैं।
सूत्रों ने बताया कि सईद ने पहली धार्मिक बैठक फैसलाबाद के एक होटल में बुलाई थी जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे जबकि दूसरी बैठक जमात उद दावा के एक कार्यकर्ता के घर पर आयोजित की गई थी। इन बैठकों को देखते हुए पंजाब पुलिस के विशेष शाखा के अधिकारियों ने सईद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए आवेदन किया। प्रशासन ने पुलिस के आवेदन को स्वीकार करते हुए आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मुकदमा दर्ज करने की अनुमति दे दी।
पाकिस्तान को दिए गए सबूत पर्याप्त: कृष्णा पुलिस अधिकारी ने बताया कि सईद और जिंदाल के खिलाफ आतंकवाद निरोध कानून के तहत फैसलाबाद के मदीना और सादर कस्बे के पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद ही पुलिस आरोपियों के खिलाफ छापे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि सईद को गिरफ्तार या हिरासत में लिए जाने से इंकार नहीं किया जा सकता।
ज्ञातव्य है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा जमात उद दावा को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिए जाने के बाद पिछले साल दिसम्बर महीने में सईद को नजरबंद कर दिया गया था। इसके बाद जून महीने में लाहौर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उसे रिहा कर दिया गया।