06 नवम्बर 2009
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
हैदराबाद। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ
पांचवें एकदिवसीय मुकाबले में 175 रन बनाने वाले अनुभवी बल्लेबाज
सचिन तेंदुलकर ने इस पारी को अपनी सर्वश्रेष्ठ पारियों में एक करार दिया है।
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सचिन ने 19 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 141 गेंदों पर 175 रन बनाए लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। सचिन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के लिए सबसे तेज शतक लगाया।
इस दौरान,
सचिन ने एकदिवसीय मैचों में 17,000 रनों का जादुई आंकड़ा भी छुआ। उन्होंने कुल 45 शतक और 91 अर्धशतक लगाए हैं। उनके बल्ले से 1870 चौके और 181 छक्के निकले हैं। एकदिवसीय मैचों में उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत योग 186 नाबाद रहा है।
पढ़ें- सचिन तेंदुलकर के 17 हजारी बनने का सफर मैच के बाद सचिन ने कहा, "यह मेरे खेल जीवन की सर्वश्रेष्ठ पारियों में एक है। 351 रनों के लक्ष्य का पीछा करते वक्त लगातार दबाव में होते हुए भी मैं बहुत अच्छे तरीके से शॉट लगा रहा था। हालांकि जीत नहीं मिल पाने के कारण मैं निराश हूं।"
सचिन की इस पारी को पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी सराहा है। एक समाचार चैनल से विशेष बातचीत के दौरान गांगुली ने कहा कि सचिन के लिए यह महान उपलब्धि है।
पढ़ें- सचिन ने 45वां एकदिवसीय शतक ठोका गांगुली ने कहा, "मैं आशा करता हूं कि 2011 विश्व कप तक सचिन अपने खाते में और 2000 रन जोड़ लेंगे। उनकी 175 रनों की पारी बेमिसाल रही। सचिन अच्छी तरह जानते हैं कि रन किस तरह जुटाते हैं। वह एक बार अगर टिक गए तो उन्हें रोक पाना मुश्किल होता है।"